आहा ग्राम जीवन भी क्या है
क्यों न इससे सबका मन भाये ।
थोड़े में निर्वाह यहाँ है
ऐसी सुविधा और कहाँ है ।
यहाँ शहर की बात नहीं
अपनी अपनी घात नहीं ।
यहाँ गटखते चोर नहीं
तरह तरह कि शोर नहीं ।
गुण्डों कि न यहाँ बनाती
ईज्जत नहीं किसी की जाती ।
सीधे साधे भोले भाले
हैं ग्राम जीवन मनुष्य निराले ।
एक दूसरे की ममता हैं
सब में प्रेममयी समता हैं ।
यद्दपि वो काले हैं तन से
पर अति हैं उज्जवल मन से ।
अपना यह मिट्टी का घर है
गोपट चिन्हन आँगन तट हैं
रखे एक ओर जलघट हैं ।
खपरैलों पर हैं बेलें छायीं
फूलें फलें हरी मन भायीं
काशी फल कुसमाण्ड कहीं है
कहीं लौकियाँ लटक रही है ।
है जैसा गुण यहाँ हवा में
प्राप्त नहीं डॉक्टरी दवा में ।
संधया समय गाँव के बाहर
होता नंदन विपिन निछावर ।
अतिथि कहीं जब आ जाता है
ठहराया जाता है जैसे
जैसे कोई सम्बंधी हो ऐसे ।
शिक्षा का प्रकाश यदि होता
बहता बिमल बुद्धि का रोता ।
तो ग्राम स्वर्ग बन जाते
पूर्ण शांति में सम जाते ।।

==============================================================
On demand of viewers, I am posting the Hindi poems in Hindi. Poem ref: Graam Jeevan==============================================================

Very beautiful
ReplyDeleteHello sir I need this Hindi poem meaning in English
DeleteHi, The poem describes the peaceful life of village where the the air, vegetation and animals and simple and happy life of villagers.
Delete